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जब यू विल फ़ाइंड एग्जिट गेट ? – #JabHarryMetSejalReview

Hab Harry Met Sejal review

इस शुक्रवार सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक दी है किंग खान और अनुष्का अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म जब हैरी मेट सेजल ने ,इससे पहले दोनों रब ने बना दी जोड़ी एवं जब तक है जान में एक साथ काम कर चुके है  फिल्म का निर्देशन किया है रॉकस्टार फेम इम्तियाज अली ने ।
ज्ञात हो फिल्म का प्रमोशन काफी जोरो शोरो से किया गया है फिल्म के लिए शाहरुख़ और अनुष्का तक़रीबन हर शो में गए है और शो के प्रमोशन करने के लिए वे कई ब्रांड से भी जुड़े अब देखना दिलचस्प होगा फिल्म लोगो पर कितनी छाप छोड़ पाती है ?

Hab Harry Met Sejal
फिल्म शुरू होती है सफर गाने से जबकि कहानी दो किरदारों पंजाबी हरिंदर सिंह उर्फ हैरी यानी शाहरुख़ खान और उसकी क्लाइंट गुजराती सेजल झावेरी यानि अनुष्का शर्मा के इर्द-गिर्द ही बुनी गई है । हैरी पेशे से टूरिस्ट गाइड है और सेजल यूरोप घूमने के लिए आती है। अपनी इस यात्रा के दौरान सेजल की सगाई हो चुकी होती है लेकिन उसे वापस देश जाते समय उसकी सगाई की अंगूठी खो जाती है ! वो इसे ढूंढने की जिद करती है जिस पर हैरी सेजल को काफी समझाता है पर सेजल बिना रिंग लिए वापस जाने से मना कर देती है। इसके बाद दोनों रिंग ढूंढने के इस सफर पर निकल पड़ते हैं या कहे खुद को एक दूसरे के प्रति ढूंढने अर्थात एक दूसरे के करीब आ जाते हैं ! अब क्या हैरी अपने प्यार का इजहार सेजल से कर पाता  ? क्या सेजल अपने मंगेतर को छोड़कर हैरी के साथ जिंदगी बिताने के लिये तैयार हो जाती है  ,क्या अंगूठी मिलती है ,अगर मिलती है तो कहाँ मिलती है ?इसके लिये आपको फिल्म को देखना होगा ।  फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसका स्क्रीनप्ले है ,जिस उत्सुकता से फिल्म की शुरुआत होती है उतनी ही उत्सुकता में निराश भी करती है खासकर इंटरवल के बाद फिल्म काफी कमजोर एवं नीरस बन पड़ी है , क्लाइमेक्स सीन से पहले अंगूठी का एक महत्वपूर्ण सीन इतना कमजोर है जिसे दर्शक फिल्म के शुरुआत से ही भांप सकते है कि शायद यही होगा । इम्तियाज अली की फिल्मों में संगीत अक्सर दिलचस्प होता है लेकिन इस बार फिल्म का संगीत औसत दर्जे का ही है हालांकि एक सांग ट्रैक में अंतरष्ट्रीय कम्पोजर डीजे डिप्लो का सहारा लिया गया है ,इरशाद कामिल के अच्छे लिरिक्स होने के बावजूद कोई भी सांग चार्टबस्टर नही गया है यहां तक की कुछ गानों की तुकबन्दी बेहद घटिया किस्म की रही है । शाहरुख़ खान के डायलाग बोलते वक़्त साउंड मिक्सिंग बेहद लचीले किस्म की है जिस कारण एक शोर उत्पन्न होता है , रोमांस किंग शाहरुख़ खान ने कुछ दृश्यों में अपनी छाप छोड़ी है जबकि अनुष्का शर्मा ने अभिनय में निराश किया है ।
सिनेमेट्रोग्राफर ने यूरोप के ख़ूबसूरत दृश्यों को बड़ी संजीदगी से क़ैद किया है पर कहानी में कुछ नयापन न होना किंग खान के फैंस को निराश कर सकता है खैर अपनी कहानियों में नये तरीके से प्यार परोसने वाले इम्तियाज अली इस बार चूक गए है । मैं जब हैरी मेट सेजल को पांच में से दो स्टार देता हूँ ।

Mudit Bansal
Engineer By Education| Lyricist | Critic| Author | Art in Heart |
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