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‘पार्टिशन : 1947’ : ब्रिटिश शासन के आखिरी महीने की कहानी

प्रख्यात निर्देशक गुरिंदर चड्ढा की आनेवाली फिल्म ‘पार्टिशन : 1947’ में हुए भारत के विभाजन में लार्ड माउंटबेटन की संदिग्ध भागीदारी पर प्रकाश डालती है। इस फिल्म में प्रमुख भूमिकाओं में हुमा कुरेशी और मनीष दयाल हैं, जबकि फिल्म में अंधे आदमी की भूमिका में दिवंगत दिग्गज अभिनेता ओम पुरी भी दिखेंगे। इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में हुमा कुरैशी और निर्देशक गुरिंदर चड्ढा दिल्ली में थीं। यह फिल्म, जिसका वैकल्पिक रूप से ब्रिटेन के दर्शकों के लिए ‘वाइसराय हाउस’ नाम दिया गया है, आजादी से ऐन पहले की घटनाओं का उल्लेख करता है, जब लॉर्ड माउंटबेटन अपने कार्यालय में थे।
फिल्म की विशिष्टता के बारे में पूछने पर हुमा ने कहा, ‘यह मेरे लिए एक विशेष फिल्म है और यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि भी है कि इसके जरिये मुझे सबके प्रिय और समीक्षकों द्वारा प्रशंसित निर्देशक गुरिंदर चड्ढा के साथ काम करने का एक बड़ा मौका मिला। यह एक बेहद खूबसूरत फिल्म है, जिसे उन्होंने बनाया है। इस फिल्म की कहानी बहुत ही दमदार है और इसके जरिये उस विभाजन के कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है, जो बताता है कि विभाजन के दौरान कितनी साजिशें रची गई थीं। इस फिल्म को देखते पर विभाजन के पीछे की सटीक साजिश के बारे में पता चलेगा। चूंकि, यह हमारा इतिहास है, इसलिए हम सबको इसके बारे में पता होना चाहिए।’
हुमा ने कहा कि, ‘यह एक प्रतिशोधात्मक फिल्म नहीं है और न ही ब्लेम गेम खेलने वाली फिल्म है। यह वास्तव में बताती है कि असल में विभाजन के दौरान क्या हुआ था। यह एक भावनात्मक फिल्म है, जो विभाजन और उसके दर्द का सामना करने वाले लोगों के दुःख के बारे में बताती है। सच तो यह है कि यह फिल्म विभाजन के लिए नहीं, बल्कि लोगों को एकजुट करने के इरादे से बनाई गई है। विभाजन बहुत संवेदनशील विषय है। इस पर लोगों की मजबूत प्रतिक्रिया होगी। यह फिल्म शांति और मानवता पर आधारित है। यह लोगों को विभाजित करने के बजाय एकजुट करने के इरादे से बनाई गई है। यह भारत के विभाजन पर आधारित है। इतना ही नहीं, फिल्म में भारत के आखिरी वायसरॉय, लॉर्ड माउंटबेटन के समय की कहानी दिखाई गई है, जिन्हें ब्रिटिश के गुलाम भारत को आजाद भारत में बदलना था। माउंटबेटन को कैसे भारत में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच के टकराव को झेलना होता है और कैसे एक भारत को दो देशों में बांट दिया जाता है, फिल्म में यह सारी चीजें देखने को मिलेंगी। ‘पार्टिशन : 1947’ दरअसल विभाजन के दौरान वायसरॉय हाउस के भीतर होने वाली घटनाओं पर आधा रित फिल्मि है।’
यह पूछने पर फिल्म में लीड रोल में हुमा कुरैशी का चयन क्यों किया, डायरेक्टर गुरिंदर चड्ढा ने कहा, ‘मैंने कई अन्य लोगों की तरह हुमा का भी ऑडिशन लिया था, लेकिन मुझे वास्तव में सबसे ज्यादा पसंद हुमा आईं, क्योंकि मुझे लगा है कि वह बहुत ही बुद्धिमान और स्मार्ट अभिनेत्री है। जिस तरह से उन्होंने बहुत ही अनूठे तरीके से उन तमाम प्रकार की चीजें को अपने अभिनय में इस्तेमाल किया, जो एक एक्टर के तौर पर मैंचाहती थी। मुझे हमेशा महसूस होता है कि वह पीरियड फिल्मों के लिए बिल्कुल मुफीद कलाकार हैं। इस फिल्म में वह अनुवादक की भूमिका निभाती हैं।’
फिल्म के अन्य कलाकारों के बारे में पूछने पर गुरिंदर ने कहा, ‘फिल्म में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकार हैं, लेकिन राजनीतिक नेताओं के किरदारों का चयन करते हुए हमने यह ध्यान जरूर रखा कि सभी राजनेता बहुत ही लोकप्रिय हैं। ऐसे में इन किरदारों के लिए कलाकारों का चयन हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि हमें कलाकारों के समान ही उनके पात्रों को सही साबित करने की चुनौती थी।’ ओम पुरी जैसे अनुभवी अभिनेता के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘हम वास्तव में बहुत बुरा महसूस कर रहे हैं कि वह आज हमारे साथ नहीं हैं। उन्हें इस समय हमारे पास बैठना चाहिए था, क्योंकि वह इस फिल्म से बहुत खुश थे। हम उनके सम्मान में उनके फाउंडेशन के साथ मुंबई और न्यूयॉर्क में फिल्म की दो बार स्क्रीनिंग करेंगे।’
बता दें कि फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मुस्लिम लड़की अलिया का किरदार निभाया है। वह एक ऐसे हिंदू शख्सा से प्यासर कर लेती है, जो वायररॉय ऑफिस में काम करता है। बाद में इन दोनों को देश के विभाजन के चलते अलग होना पड़ता है। हुमा के अलावा इस फिल्म में मनीष दयाल और ओमपुरी भी नजर आएंगे। हॉलीवुड के माइकल गैम्बन, जिलियन एंडरसन और ह्यू बोनिविल ने भी इस फिल्म में किरदार निभाया है। यह फिल्म भारत की 70वीं आजादी के मौके पर 18 अगस्त को रिलीज होगी।

Rakesh Sharma
Obsessed Social Media Activist, Bollywood Blogger, Also love to right on Social issues, Technology & Gadgets, Politics & Entertainment
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