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Mom Review :मदर इंडिया से मोम तक

इस शुक्रवार सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक दी है श्री देवी अभिनीत मोम ने जो की तक़रीबन 1200 स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई है ,फिल्म को निर्देशित किया है रवि उद्यावर ने जो की इस फिल्म से डेब्यू कर रहे है ।ज्ञात हो यह श्री देवी की 300 वी फिल्म है अब देखना दिलचस्प होगा की सुपरहिट इंग्लिश विंग्लिश से जबर्दस्त वापसी करने वाली हवा हवाई गर्ल लोगो में मोम के जरिये कितनी छाप छोड़ पाती है ?
फिल्म का विषय ही बेहद संजीदा है जो की एक रिवेंज ड्रामा है, कहानी की शुरुआत होती है  दिल्ली शहर में श्रीदेवी (देवकी) एक बड़े स्कूल में टीचर है उसी स्कूल में देवकी की सौतेली बेटी आर्या (सजल अली) भी पढ़ती है दरसअल बेटी आर्या को अपनी सौतेली माँ से ज्यादा लगाव नही है जबकि देवकी आर्या से बहुत प्यार करती है। आर्या के साथ पढ़ने वाले कुछ स्टूडेंटस जैसे मोहित आर्या को परेशान करते रहते है देवकी इस बात से नाराज होकर मोहित को सजा देती है कहानी में मोड़ आता है जब वैलेंटाइन्स डे की पार्टी में मोहित, आर्या के साथ रेप कर के उसे गटर में फेंक देता है उसके बाद कोर्ट में केस जाता है और हमारे सिस्टम की वजह से जीत मोहित की हो जाती है. इस तरह के न्याय को देखकर देवकी एक डिटेक्टिव दयाशंकर कपूर यानि नवाजुद्दीन सिद्दिकी के पास जाकर मदद लेती है एवं तभी एंट्री होती अक्षय खन्ना की जो कि कड़क मिजाज के पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभाये हुए है ,अब देखना बड़ा दिलचस्प होता है कि एक माँ अपना प्रतिशोध कैसे प्राप्त करती है और क्या तरीके अपनाती है ? इसके लिये आपको फिल्म को देखना होगा ।
स्क्रीनप्ले के मुताबिक कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है श्रीदेवी के दर्द और एक मां की पीड़ा से दर्शक भावुक हो उठते है खासकर जब श्रीदेवी पहली बार अस्पताल में ज़ख़्मी हालत में अपनी बेटी को देखती हैं, यह दृश्य दिल को झकजोर देता है । एक नयी कहानी न होने के बावजूद भी स्क्रीन पर रोमांच बना रहता है यही तो इस फिल्म की ख़ूबसूरती है।
इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी सी अपनी लय खोती नजर आती है पर श्री देवी की अदाकरी और इंटरवल के पहले भाग का इमोशनल ड्रामा कुछ खामियों को छुपाये रखता है देवकी के किरदार में आया उतार चढाव ही फिल्म की कहानी में मजबूती प्रदान करता है । बात म्यूजिक की हो तो इस तरह के रिवेंज ड्रामे में सांग्स को ज्यादा प्राथमिकता न देकर बैक ग्राउंड स्कोर पर ज्यादा फोकस दिया जाता है जो इस फिल्म में साफ़ झलकता है , ए आर रहमान द्वारा दिया गया फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कई महत्वपूर्ण दृश्यों में रोंगटे खड़े कर देता है ।श्री देवी ने अपने दमदार परफॉरमेंस से जता दिया आखिर क्यों वह सिंगल स्क्रीन सिनेमा में आज भी लोगों के दिलों पर राज करती हैं वही अक्षय खन्ना ने भी अपनी अदाकरी से लोगो को बांधे रखा है ,छोटे से रोल में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने दमदार अभिनय किया है उनका लुक बड़ा दिलचस्प रखा गया है जिस कारण वो दर्शको को हंसाने में कामयाब रहे है ।कुल मिलाकर लड़कियों के साथ आज भी हमारे समाज में किस तरह से अत्याचार होता है और जागरूकता कैसे होनी चाहिये जैसे अहम विषय की गरिमा को बरक़रार रखते हुए निर्देशक ने बड़ी सहजता से स्क्रीन पर उतारा है और दिखा दिया की आज के इस दौर में बस ऐसी ही मोम की आवश्यकता है । भावनाओ से भरपूर इस फिल्म को मैं पांच में से साढ़े तीन स्टार देता हूं ।

Mom Trailer

 

Mudit Bansal
Engineer By Education| Lyricist | Critic| Author | Art in Heart |
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