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Review : Bank Chor या BC….!

इस शुक्रवार जहां एक ओर बहुप्रतीक्षित ‘हसीना पारकर’ का टीज़र ट्रेलर जारी हुआ है वही दूसरी ओर सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक दी है रीतेश देशमुख अभिनीत बैंक चोर ने । फिल्म को निर्देशित किया है बम्पी  और प्रोड्यूस किया है आशीष पाटिल ने । ज्ञात हो फिल्म तक़रीबन 15 करोड़ की लागत के साथ 700 स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई है ,इस फिल्म की विशेषता इसकी प्रोमोशन स्ट्रेटेजी रही है जिसमे तक़रीबन हर बड़ी फिल्मो के पोस्टर्स को इस फिल्म की स्टार कास्ट और विभिन टैगलाइन्स से रिप्लेस किया गया है बाहुबली के पोस्टर में किये गए बदलाव में जो टैग लाइन प्रयोग की गयी है वो अक्सर नोटबन्दी के दौरान आम जनता के मुख से सुनने को मिली है !
फिल्म की कहानी चंपक (रितेश देशमुख) और उसके दो साथियों गुलाब और गेंदा के इर्द-गिर्द घूमती है। तीनों एक बैंक को लूटने का प्लान बनाते हैं , जब वे बैंक में लूट कर रहे होते हैं, तभी पुलिस और मीडिया को भनक लग जाती है और
बैंक के बाहर मीडिया, पुलिस और सीबीआई समेत भीड़ एकत्र हो जाती है। सीबीआई इंस्पेक्टर  जिसकी भूमिका निभायी है विवेक ओबेरॉय ने , को चोरों से निपटने का जिम्मेदारी दी जाती है ,क्या अंदर लूटपाट कर रहे शख्श ही असली चोर है या … !आखिर चोरों का बैंक लूटने का मकसद क्या हैं ? मीडिया, मिनिस्टर, पुलिस और चोर के बीच क्या पेंच फंसा है ,इसके लिये आपको फिल्म को देखना होगा ।
बात स्क्रीनप्ले की करे तो इंटरवल तक रफ़्तार काफी धीमी है
,संवाद लेखन ठीक ठाक है गंभीर सिचुएशन में अगर दिमाग का इस्तेमाल न करे कॉमेडी के पंच हंसा सकते हैं ।
फिल्म की एडिटिंग कमाल की है ,फिल्म को डिमानिटाइजेशन से पहले शूट किया गया है , जिसकी वजह से नए नोटों को सुदृढ़ तरीके से एडिट किया गया है ।
फिल्म का म्यूजिक कुछ ख़ास नही है , टाइटल सांग का प्रोनाउनसिएशन द्विअर्थी होते हुए बेहद ही लचीले किस्म का है जो की एक एबयूसिव वर्ड का इशारा करता है ,रितेश देशमुख की एक्टिंग कुछ ख़ास नही है पर कुछ सीन्स में  उनकी कॉमिक टाइमिंग असरदायक है। मीडियाकर्मी के रोल में रिया चक्रवर्ती ने अपना काम बखूबी निभाया है , विवेक ओबेरॉय ने निराश किया है ,भुवन अरोरा व् साहिल वैद ने अपनी एक्टिंग से प्रभावित किया है जबकि काफी समय से  गायब रैपर बाबा सहगल ने छोटी भूमिका में वापसी करते हुए अपने काम को सही तरीके से अंजाम दिया है कुल मिलाकर अगर दिमाग का इस्तेमाल न किया जाये तो फिल्म आपको हंसा सकती है । मैं फिल्म को पांच में से डेढ़ स्टार देता हूँ ।

Mudit Bansal
Engineer By Education| Lyricist | Critic| Author | Art in Heart |
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