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Review- राबता : ना. ना.. ना… ना….!

पुनर्जन्म और कभी न मिटने वाला प्यार पर आधारित कहानियों का प्रचलन कोई नया नही है ये काफी समय से चलता हुआ आया है ,ठीक इसी कड़ी में इस हफ्ते सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक दी है सुशांत एवं कृति अभिनीत राबता ने । फिल्म को निर्देशित किया है दिनेश विजान ने, इससे पहले वो कॉकटेल, लव आजकल और बदलापुर जैसी सरीखी  फिल्मों को प्रोड्यूस कर चुके है लिहाजा राबता के जरिए वो निर्देशन के क्षेत्र में डेब्यू कर रहे हैं। फिल्म की कहानी  पंजाब के रहने वाले शिव (सुशांत सिंह ) की है जिसे बैंक की जॉब के लिए बुडापेस्ट बुलाया जाता है । वहां उसकी मुलाकात सायरा (कृति सेनन) से होती है, जो चॉकलेट स्टोर में काम करती है हमेशा की तरह शिव सायरा को दिल दे बैठता है और दोनों शादी करने का फैसला करते है लेकिन…! सायरा को हमेशा से ही सपने में पिछले जन्म की याद आती रहती है ।इन दोनों के इश्क के बीच आ जाता है एक शख्‍स और यह सब जुड़ा है उनके पिछले जन्‍म की अधूरी दास्‍तान से, क्या यह मोहब्बत अपने मुकाम तक पहुँच पायेगी ? इसे जानने के लिए आपको फिल्म को देखना होगा ।
फिल्म का स्क्रीनप्ले एवं डायलाग बेहद ही लचीले किस्म के है ,इंटरवल से पहले तक सुशांत और कृति के मध्य रोमांस और अंतरंग दृश्यों को देख कर बेफिक्रे फिल्म को याद किया जा सकता है,इंटरवल के बाद भी  फिल्म की कहानी में कोई नयापन नही है ।फिल्म का निर्देशन, वीएफएक्स और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग दिलचस्प तो है पर फ़्लैश बैक सीन्स का इस्तेमाल लोगो में एक असहजता उत्पन्न करता है । म्यूजिक के मुताबिक फिल्म में ‘एक वारी’ सांग को लोगो ने पसंद किया है जबकि युवाओं में बज़्ज़ क्रिएट करने के लिये पंजाबी चार्टबस्टर ‘मैं तेरा बॉयफ्रेंड ..तू मेरी गर्लफ्रेंड.. ना ना ना ना ..’को दोबारा क्रिएट किया गया है जिसमे अरिजीत सिंह पूरी तरह से नाकाम साबित हुए है। दीपिका पादुकोन का फिल्म में आइटम सॉन्ग पेश करना कमजोर कहानी के पक्ष को दर्शाता है ।लिहाजा फिल्म का म्यूजिक भी कुछ दिन का ही मेहमान है।
अदाकरी में सुशांत ने कुछ ही सीन्स में अपनी छाप छोड़ी है जबकि कृति सेनन अभिनय कम ग्लैमरस अदाओं से ज्यादा छायी रही है खासकर सांग “ना..ना.. ना.. ना… “में कृति का अंदाज युवाओं को सीटी मारने के लिये मजबूर कर देता है । जिम सरभ (नीरजा फेम) का अभिनय ठीक ठाक है जबकि सरप्राइज पैकेज के तौर पर फिर से उभरे है राजकुमार राव जिन्होंने 324 साल के बूढ़े आदमी का अभिनय काफी दमदार तरीके से पेश किया है । बुडापेस्ट एवं हंगरी के खूबसूरत  दृश्यों को कैमरामैन ने बड़ी परिपक्वता से क़ैद किया है। कुल मिलाकर सुशांत और कृति की इस बेफिक्री केमिस्ट्री को दर्शक राबता देने में ना ..ना..ना..ना…कहने से  ख़ुद को रोक नही पायेंगे  । मैं इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार देता हूँ ।

Mudit Bansal
Engineer By Education| Lyricist | Critic| Author | Art in Heart |
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