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Half Girlfriend: हॉफ गर्ल फ्रेंड या फुल बॉयफ्रेंड

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उपन्यास पर आधारित फिल्मो का चलन स्वाभाविक हो चुका है इसी कड़ी में अगला नाम है इस शुक्रवार को प्रदर्शित हुई फिल्म हॉफ गर्लफ्रेंड । ज्ञात हो फिल्म चेतन भगत के उपन्यास हाफ गर्लफ्रेंड पर आधारित है । फिल्म को निर्देशित किया है आशिकी 2 फेम मोहित सूरी ने ।
कहानी की बात करे जिन लोगो ने उपन्यास पढा है वो कहानी तो पहले ही जानते है पर दिलचस्प ये होगा की क्या स्क्रीन पर वो किरदार वैसे ही जंचते है जैसा पढ़ते वक़्त हमारे सामने चल रहा होता है ।
अर्जुन कपूर बिहार के गांव से आये हुए माधव झा की भूमिका मैं है और दिल्ली के एक प्रचलित कॉलेज में एडमिशन लेते है माधव अंग्रेजी भाषा में काफी कमजोर है जिससे उसका काफी मजाक बनाया जाता है और उसका दोस्त हमेशा उसका साथ देता है ,इसी कॉलेज में रिया नाम की एक हाई प्रोफाइल लड़की है जिसकी भूमिका निभायी है श्रद्धा कपूर ने जिसे बास्केट बॉल एवं सिंगिग में काफी रुचि है उधर माधव भी बास्केट बॉल का खिलाडी है और दोनों इसी इंटरेस्ट के चलते एक दूसरे से टकराते है हमेशा की तरह यहां भी हीरो को पहली नजर में हीरोइन से प्यार हो जाता है जो की आजकल के इस दौर में एक क्लास ऑडियंस को खटकता है । माधव का दिल रिया पर आ जाता है पर रिया उसे प्यार नही करती और सीधा कह देती है की वो उसकी हाफ गर्लफ्रेंड है अर्थात फ्रेंड से ज्यादा और गर्ल फ्रेंड से कम ।

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Shraddha Kapoor Half Girlfriend
पर माधव की बोलचाल कहे या सीधी सी फिलॉसफी ये है कि ‘देती है तो दे वरना कट ले’ (ज्ञात हो इसी  डायलाग के चलते युवाओं ने इस उपन्यास को काफी तरजीह दी थी )
एक दिन कुछ ऐसा होता है, जिसकी वजह से माधव और उसकी हाफ गर्लफ्रेंड रिया में अलगाव हो जाता है इस वजह से माधव अपने गांव वापस आ जाता है और अपने स्कूल को आगे बढ़ाता है और रिया कहीं दूर निकल जाती है अभी कहानी खत्म नही हुई है ..कहानी में ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं और एक बार फिर से माधव और रिया की मुलाकात होती है पर इस बार परिस्थितियां काफी अलग है , रिया माधव को बता देती हैं कि उसे कैंसर है और उसके पास केवल तीन महीने है और रिया वापस चली जाती है, रिया को अपनी लाइफ में वापस लाने के लिए माधव का किसी भी हद तक चले जाना काफी दिलचस्प है और माधव उसका पीछा करते करते वहा पहुँच जाता है जहाँ पर रिया म्यूजिक कॉन्सर्ट कर रही होती है फिर क्या होता है ? हॉफ गर्ल फ्रेंड या फुल बॉयफ्रेंड इसके लिये आपको फिल्म को देखना होगा ।
फिल्म की रफ़्तार काफी धीमी है  जैसे जैसे फिल्म बढ़ती है दर्शक बोरियत महसूस करने लगते है। फिल्म के संवाद भी काफी कमजोर है और रोमांस, ड्रामा में भी कुछ खास बात नहीं है ,किसी भी रोमांटिक फिल्म को देखते वक्त इंसान उसमें खो जाना चाहता है, लेकिन इस फिल्म के दौरान कुछ ऐसा फील नहीं हो पाता है, जो कि स्क्रीनप्ले की कमी दिखती है
जैसे बिलगेट्स का माधव की स्पीच सुनना दृश्य में दर्शको का चाह कर भी अपनी हंसी न रोक पाना स्क्रीनप्ले की कमजोरी की निशानी है ।फिल्म में अर्जुन कपूर ने बिहार के लड़के का किरदार निभाने की भरपूर कोशिश की है पर वो किरदार में रमे हुए नजर नही आते वहीँ श्रद्धा कपूर ने काम ठीक ठाक किया है पर दोनों भावनात्मक दृश्य एवं महत्वपूर्ण दृश्यों में असहज ही साबित हुए है , कुल मिलाकर अपनी अदाकारी से दर्शकों को कनेक्ट करने में नाकाम रहे है
विक्रांत मस्सी का काम सहज है और फिल्म के बाकी कलाकारों ने अपना काम बखूबी निभाया है ।बात म्यूजिक की करे तो मोहित सूरी की फिल्मों मे हमेशा से ही हिट म्यूजिक रहा है पर इस बार मोहित पूरी तरह से चूक गये है फिल्म का कोई भी गाना चार्टबस्टर नही गया है बस अरिजीत सिंह की आवाज में मैं फिर भी तुमको चाहूंगा को दर्शको ने पसंद किया है ,बाक़ी गाने ठीक ठाक तो है पर स्क्रीनप्ले के दौरान कहानी की लय को बिगाड़ते हैं जो की इस फिल्म का एक कमजोर पक्ष है । फिल्म इस थीम पर आधारित है कि अंग्रेजी भाषा में कमजोर होने वाला इंसान कोई फूहड़ नही बल्कि अच्छा इंसान हो सकता है ।कुल मिलाकर फिल्म वैसा सिनेमा नही दे पायी ,जैसी उम्मीद जगी थी  मैं इस फिल्म को पांच में से दो स्टार देता हूँ । बाहुबली 2 के चलते फिल्म को 2500 स्क्रीन्स पर रिलीज़ किया गया है एवं कई यूनिवर्सिटीज के मेन एग्जामस के चलते कॉलेज स्टूडेंट्स का सिनेमाघर न जाना फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है ।

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