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रिव्यु “नूर” : नूर …नाम मात्र का भी नही

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नावेल पर आधारित फिल्मो का प्रचलन हमेशा से ही सुपरहिट साबित हुआ है अभी हाल ही में कुछ दिन पहले चेतन भगत के नावेल हाफ गर्लफ्रेंड पर आधारित फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड का ट्रेलर जारी होते ही युवाओं में काफी लोकप्रिय हो चुका है ।उसी कड़ी में नावेल पर आधारित इस शुक्रवार सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक दी है सोनाक्षी अभिनीत नूर ने । नूर फिल्म की प्री स्क्रीनिंग के दौरान बॉलीवुड स्टारस ने पॉजिटिव रिस्पांस दिया है ,कहि इसका इशारा बेहद कम स्क्रीन पर रिलीज़ हुई फिल्म अपना बजट रिकवर करने का तो नही । खैर इसको तय करेंगे दर्शक ।ज्ञात हो फिल्म नूर  साल 2014 में पाकिस्तानी जर्नलिस्ट-लेखक सबा इम्तियाज के ‘कराची यू आर कीलिंग मीं’ नामक नॉवेल पर आधारित है ,यह नावेल काफी सफल साबित हुआ है ।

नॉवेल में कहानी एक जर्नलिस्ट आयशा की रची गई थी जिसे ‘नूर’ फिल्म में दोहराया गया है ।फिल्म का पहला सीन काफी प्रभावशाली है ,कराची की जगह यहां मुम्बई है मुंबई की रहने वाली 26/28 साल की जर्नलिस्ट नूर रॉय चौधरी (सोनाक्षी सिन्हा) की है, जो अपने पिता के साथ रहती है ,नूर अपनी माँ को बचपन में ही खो चुकी है , नूर की चाहत है कि वो वास्तविक मुद्दे पर आधारित स्टोरी करे पर उसकी एजेंसी हमेशा ही उसे रोमांचक जो लोकप्रियता बढ़ाए ऐसी स्टोरी करने को कहती है ,हालातन उसे सनी लियोन का इंटरव्यू करना पड़ता है ।

फिल्म की रफ़्तार काफी धीमी है पर नूर मन ही मन परेशान भी रहती है मन मुताबिक कहानी न मिलने से ।इसी बीच उसे ऐसी स्टोरी का पता चलता है जो बहुत बड़ा रैकेट चलाता है जिसमे कई नामी लोग शामिल है पर इस रोचक स्टोरी का क्या होता है ,क्या मोड़ आते है ? इसके लिये आपको फिल्म देखना होगा । नूर के बचपन के दोस्त है बने है कनन गिल जिसपर वो हरदम भरोशा तो रखती है पर प्यार नही ।इसी बीच एंट्री होती है पूरब कोहली की जो नूर के लव इंटरेस्ट बने है जो कुछेक दृश्यों में अपनी छाप छोड़ते है । इंटरवल के बाद भी फिल्म की रफ़्तार में कुछ फर्क नही पड़ा है ,निर्देशक की सोच को सोनाक्षी सही तरीके से स्क्रीन पर किरदार को गढ़ नही पायी खासकर फिल्म में डायलाग डिलीवरी के दौरान सोनाक्षी असहज ही साबित हुई है ।

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एक मोनोलॉग सीन को लेखक ने काफी दमदार लिखा है ।आजकल के इस दौर में फिल्म का म्यूजिक का चलना जरूरी होता है इस फिल्म में भी पुराने गीत को रीक्रिएट करने का दौर जारी है जो की ‘गुलाबी आँखें तेरी ‘ नाम से है जिसको गाया है सोनू निगम ने ।युवाओं को लुभाने के लिये बादशाह द्वारा  सज्जित’ मूव योर लक बेबी’ को रखा गया है जो पहले ही चार्टबस्टर हो चूका है । कुल मिलाकर फिल्म का म्यूजिक फीका ही साबित रहा है न ही लिरिक्स बेहतर है तो न ही बैक ग्राउंड म्यूजिक । एक अच्छा नॉवेल चुनने के बावजूद फिल्म बॉक्सऑफिस पर दर्शको को लाने में नाकामयाब रहेगी यहां तक की एक जॉर्नलिस्ट किरदार होते हुए भी जर्नलिस्ट को लुभा नही पायेगी । मैं इस फिल्म को पांच में से डेढ़ (1.5 ) स्टार देता हूँ ।

ऑफिसियल ट्रेलर नूर 


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